Saturday, 12 November 2011

बिहार का लोकायुक्त बिल

बिहार कैबिनेट से पारित लोकायुक्त बिल पर सवाल खड़े कर टीम  अन्ना खास कर अरविन्द केजरीवाल और किरण बेदी क्या यही साबित करना चाहते हैं कि सवा अरब की आबादी वाले इस देश में उनकी समझ ही आखरी समझ और अंतिम सत्य है ? क्या वे यह मान रहे हैं  कि देश ने उन्हें कुछ भी बोलने का अधिकार दे दिया है ? 
बिहार का लोकायुक्त बिल एक परफेक्ट बिल है . किसी को यह नहीं भुलाना चाहिए कि जिस पर आरोप लगाया जाता है , उसे भी अपना पक्ष रखने और बचाओ करने का पूरा अधिकार है . यही नैसर्गिक न्याय है . 
खासकर, ऐसे समय में जब शपथ लेकर भी लोग झूठी गवाहियाँ देने से भी परहेज नहीं करते , विशेष सतर्कता और सावधानियां जरुरी है . आरोप साबित होने पर दोषी को सजा अवश्य मिले पर अगर आरोप झूठे निकालें तो शिकायतकर्ता को भी सख्त  सजा दी जानी चाहिए वरना जिस तरह आरोपों की खेती होने लगी है और झूठे मुक़दमे भी होने लगे है, वह दिन दूर नहीं जब हर आदमी मुजरिम और हर घर जेल होगा. 
बिहार के लोकायुक्त बिल के लिए सी. एम. को बधाई . 

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